NCERT Solution Class 9th Hindi Chapter 1 – Do Bailon Ki Katha | Question & Answers

Class 9th NCERT Solution Hindi Kshitij Part 1 Textbook Solution of Chapter 1 Do Bailon Ki Katha Written by Premchand. Below all Questions are solved and Answers are Fully Genuine. There are Total 40 Questions solved below.

प्रश्न-अभ्यास – NCERT Solution

Q. कांजीहौस में कैद पशुओं की हाज़िरी क्यों ली जाती होगी?

कांजीहाउस में क़ैद पशुओं की हाजिरी इसलिए ली जाती थी ताकि यह पता चल सके कि कोई पशु भाग तो नहीं गया है। इससे मालिकों को पशुओं की संख्या और स्थिति की जानकारी मिलती रहती थी।

Q. छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम क्यों उमड़ आया?

छोटी बच्ची ने देखा कि बैलों के साथ उसी की भांति बुरा व्यवहार हो रहा है एवं उनको ठीक से खाना नहीं दिया जा रहा और उनके साथ कठोर व्यवहार हो रहा है। छोटी बच्ची की माँ मर चुकी थी और उसकी सौतेली माँ उससे प्यार नहीं करती थी, स्वयं की भाँती ही उनकी दयनीय स्थिति देखकर उसके मन में करुणा और प्रेम उमड़ आया।

Q. कहानी में बैलों के माध्यम से कौन-कौन से नीति-विषयक मूल्य उभर कर आए हैं?

कहानी में मित्रता, निष्ठा, स्वतंत्रता की भावना, अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना, दया और संगठन की शक्ति जैसे नीति-मूल्य उभरकर आए हैं।

Q. प्रस्तुत कहानी में प्रेमचंद ने गधे की किन स्वभावगत विशेषताओं के आधार पर उसके प्रति रूढ़ अर्थ ‘मूर्ख’ का प्रयोग न कर किस नए अर्थ की ओर संकेत किया है?

लेखक प्रेमचंद ने गधे को एक मूर्ख प्राणी नहीं माना, बल्कि उसके सहनशील, सीधा, परिश्रमी और संतोषी स्वाभाव को प्रकट किया गया है। लेखक ने संकेत किया है कि गधा अत्याचार सह लेता है, इसलिए उसे मूर्ख कहना उचित नहीं।

Q. किन घटनाओं से पता चलता है कि हीरा और मोती में गहरी दोस्ती थी?

पाठ में अनेकों घटनाओं से पता चलता है की हीरा – मोती में गहरी मित्रता थी। दोनों एक-दूसरे के दुख में साथ रहते थे, दोनों साथ में ही खाते-पीते और खेलते थे, और संकट की स्थिति में एक-दूसरे का साथ नहीं छोडते थे — इन घटनाओं से उनकी गहरी मित्रता स्पष्ट होती है।

Q. “लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो।” — हीरा के इस कथन के माध्यम से स्त्री के प्रति प्रेमचंद के दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।

हीरा के कथन से स्पष्ट होता है कि लेखक प्रेमचंद स्त्रियों के प्रति सम्मान का भाव रखते थे। वे यह संदेश देते हैं कि स्त्रियों पर हिंसा करना अनुचित है, उनके साथ किसी भी प्रकार का अनुचित व्यव्हार नहीं होना चाहिए। उन्हें कोई शारीरिक दंड देना सर्वथा अनुचित है।

Q. किसान जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को कहानी में किस तरह व्यक्त किया गया है?

कहानी में किसान और पशु के बीच सहानुभूतिपूर्ण और परिवार के सदस्य के सामान सम्बन्ध दिखाए गए हैं। झूरी अपने बैलों से प्रेम करता था एवं हीरा-मोती भी गया से अत्यंत प्रेम करते थे, जबकि गया उन्हें केवल काम का साधन समझता था और रूढ़ता से व्यवहार करता था।

Q. “इतना तो हो ही गया कि नौ दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे।” — मोती के इस कथन के आलोक में उसकी विशेषताएँ बताइए।

मोती एक साहसी, दयालु और त्यागी प्राणी था। उसने अन्य पशुओं की जान बचाने के लिए स्वयं की जान जोखिम में डाल दी। इससे उसका उदार स्वभाव एवं दया की भावना प्रकट होती है।

Q. आशय स्पष्ट कीजिए—
(क) “अवश्य ही उनमें कोई ऐसी गुप्त शक्ति थी, जिससे जीवों में श्रेष्ठता का दावा करने वाला मनुष्य वंचित है।”
(ख) “उस एक रोटी से उनकी भूख तो क्या शांत होती, पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया।”

(क) पशुओं में ऐसी स्वाभाविक निष्ठा और प्रेम होता है जो मनुष्य में हमेशा नहीं होता। यही उनकी विशेष शक्ति है।
(ख) रोटी से उनका पेट नहीं भरा, पर प्रेम और अपनापन मिलने से उनका मन संतुष्ट हो गया।

Q. गया ने हीरा-मोती को दोनों बार सूखा भूसा खाने के लिए दिया क्योंकि—
(क) गया पराए बैलों पर अधिक खर्च नहीं करना चाहता था।
(ख) गरीबी के कारण खली आदि खरीदना उसके बस की बात न थी।
(ग) वह हीरा-मोती के व्यवहार से बहुत दुखी था।
(घ) उसे खली आदि सामग्री की जानकारी न थी।
(सही उत्तर के आगे (✓) का निशान लगाइए।)

(क) गया पराए बैलों पर अधिक खर्च नहीं करना चाहता था। (✓)

रचना और अभिव्यक्ति – NCERT Solution

Q. हीरा और मोती ने शोषण के खिलाफ आवाज उठाई लेकिन उसके लिए प्रताड़ना भी सही। हीरा-मोती की इस प्रतिक्रिया पर तर्क सहित अपने विचार प्रकट करें।

मेरा विचार है कि हीरा और मोती का शोषण के विरुद्ध आवाज़ उठाना सही था। अन्याय सहते रहना गलत है। उन्होंने कष्ट सहकर भी अपने स्वाभिमान की रक्षा की। इससे यह शिक्षा मिलती है कि अन्याय के सामने झुकना नहीं चाहिए।

Q. क्या आपको लगता है कि यह कहानी आज़ादी की लड़ाई की ओर भी संकेत करती है? अपने विचार प्रकट करें।

हाँ, यह कहानी आज़ादी की लड़ाई की ओर संकेत करती है। जिस प्रकार बैलों ने अत्याचार के विरुद्ध विद्रोह किया, उसी प्रकार भारतीयों ने भी अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया था। कहानी स्वतंत्रता और आत्मसम्मान का संदेश देती है।

भाषा-अध्ययन – NCERT Solution

Q. “बस इतना ही काफी है। फिर मैं भी जोर लगाता हूँ।”
‘ही’, ‘भी’ वाक्य में किसी बात पर जोर देने के लिए निपात (particle) का काम करते हैं। कहानी में से ऐसे पाँच वाक्य चुनिए जिनमें निपात का प्रयोग हुआ हो।

  • इतना तो हो ही गया।
  • वह मुझे पकड़ता तो मैं भी न छोड़ता।
  • बस इतना ही काफी है।
  • वे सब तो आशीर्वाद देंगे।
  • मैं भी जोर लगाता हूँ।

Q. रचना के आधार पर वाक्य-भेद बताइए तथा उनके उपवाक्य छाँटकर भेद भी लिखिए—

(क) दीवार का गिरना था कि अधमरे-से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे।
(ख) सहसा एक दढ़ियल आदमी, जिसकी आँखें लाल थीं और मुद्रा अत्यंत कठोर, आया।
(ग) हीरा ने कहा कि गया के घर से नाहक भागे।
(घ) मैं बेचूँगा तो बिकेंगे।
(ङ) अगर वह मुझे पकड़ता तो मैं बे-मारे न छोड़ता।

Q. कहानी में आए मुहावरों को छाँटकर उनका अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

  1. जान पर खेलना — सैनिक देश के लिए जान पर खेल जाता है।
  2. आँखें लाल होना — उसकी आँखें गुस्से से लाल हो गईं।
  3. जान बचना — समय पर इलाज से उसकी जान बच गई।
  4. हाथ-पैर मारना — सफलता के लिए हाथ-पैर मारने पड़ते हैं।
  5. सिर झुकाना — हमें बड़ों के सामने सिर झुकाना चाहिए।

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